औद्योगिक विकास के क्षेत्र में पंजाब जल्द ही चीन को पछाड़ देगा – केजरीवाल

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जालंधर(राजेन्द्र कुमार महेन्द्रू)-दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने आज कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में पंजाब के पास चीन को पछाड़ देने की बड़ी क्षमता है। आज यहाँ ‘ सरकार-उद्योगपति मिलनी’ के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबी जन्म से ही उद्यमी होते हैं और इनके पास नेतृत्व करने की क्षमता होती है जिसका सबूत इन्होंने वैश्विक स्तर पर बड़ी उपलिब्धयां हासिल करके दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाबियों की सख़्त मेहनत और परिश्रम का कोई सानी नहीं है जिस कारण इन्होंने हरेक क्षेत्र में बुलन्दियों को छूआ है। उन्होंने कहा कि पंजाबी का यह सामर्थ्य औद्योगिक क्षेत्र में पंजाब को चीन से आगे ले जा सकती है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहली सरकारें राज्य में उद्योगपितयों को दबाती थीं परन्तु मौजूदा सरकार उद्योग की बेहतरी के लिए दिन-रात काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मिलनी के द्वारा उद्योगपतियों को पेश सभी मसले सुलझाने का प्रयास किया गया है। अरविन्द केजरीवाल ने उद्योगपितयों को नये और रंगीला पंजाब की सृजन करना में बढ़-चढ़ कर योगदान डालने का न्योता दिया।

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब जल्दी ही हर क्षेत्र में देश का नेतृत्व करेगा क्योंकि भगवंत सिंह मान पंजाबियों की भलाई के लिए चौबीस घंटे काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पंजाबियों को पेश मसलों के हल के लिए राज्य के कोने-कोने में जा रहे हैं। अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि पंजाबियों की खुशकिस्मती है कि उनको भगवंत सिंह मान जैसा मुख्यमंत्री मिला है जो उनकी मिशनरी भावना के साथ सेवा कर रहा है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मतदान के दौरान उद्योगपतियों को गारंटियरं दीं थीं। उन्होंने कहा कि यह जान कर खुशी हुई है कि इनमें से ज़्यादातर गारंटियां पूरी कर दीं गई हैं। अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि राज्य सरकार को उद्योगपतियों से कई सुझाव मिले थे, जिसके बाद लोगों को राहत प्रदान की गई।

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बातचीत वोटें लेने के लिए नहीं, बल्कि यह भरोसा दिलाने के लिए है कि हम उद्योगों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में औद्योगिक विकास योजनाबद्ध तरीके के साथ हो रहा है। अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि राज्य ने पहले ही प्रदेश के लिए 50,000 करोड़ रुपए का निवेश पक्का कर लिया है जिससे 2.86 लाख नौजवानों को नौकरियाँ मिलेंगीं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब उद्योगपति लूट के डर से राज्य को छोड़ रहे थे। उन्होंने कहा कि अब इस मिलनी का उद्देश्य राज्य के स्थानीय उद्योगों का दस गुणा विस्तार करना है। अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि उद्योगपतियों की दूरदर्शिता और बहुमूल्य विचारों और राज्य सरकार के सहयोग से राज्य में उद्योग को उत्साहित करने में सहायता मिलेगी।